B.Ed 1 Year Course: शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। लगभग एक दशक के अंतराल के बाद अब देश में फिर से एक साल का बी.एड कोर्स शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इस फैसले को मंजूरी दे दी है। यह कदम उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा साबित होगा जो कम समय और कम खर्च में शिक्षण के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। पिछले कुछ सालों से दो साल का बी.एड कोर्स युवाओं के लिए समय और पैसे दोनों के मामले में चुनौतीपूर्ण बन गया था। अब यह रास्ता पहले से कहीं ज्यादा सुलभ और सुविधाजनक होने वाला है।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स क्या है / क्या बदलाव हुआ है
एक साल का बी.एड कोर्स वास्तव में कोई नई शुरुआत नहीं है बल्कि इसे पहले भी भारत में संचालित किया जाता रहा है। करीब दस साल पहले इस कोर्स को बंद करके दो साल की अवधि वाला प्रोग्राम अनिवार्य कर दिया गया था। लेकिन अब नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार NCTE ने इसे दोबारा लागू करने का निर्णय लिया है। इस नए बदलाव के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों ने चार साल की स्नातक डिग्री या परास्नातक पूरी कर ली है, वे मात्र बारह महीने में बी.एड की मान्यता प्राप्त डिग्री हासिल कर सकेंगे। NCTE का मानना है कि इस व्यवस्था से शिक्षक प्रशिक्षण अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनेगा तथा युवाओं को तेजी से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स से जुड़ी मुख्य बातें
इस कोर्स की सबसे खास बात यह है कि इसे पूरी तरह नई शिक्षा नीति के दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम में सिद्धांत के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। डिजिटल शिक्षण उपकरणों, स्मार्ट क्लासरूम तकनीक, बाल मनोविज्ञान और आधुनिक पढ़ाने के तरीकों को कोर्स का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। हालांकि कोर्स की अवधि घटकर एक साल हो गई है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं की गई है। केवल NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज और संस्थान ही इस कोर्स को संचालित कर सकेंगे, जिससे डिग्री की वैधता और मान्यता को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं रहेगा।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स से मिलने वाले लाभ और असर
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ देशभर के लाखों युवाओं को मिलने वाला है। सबसे प्रमुख फायदा तो यह है कि अब विद्यार्थियों को दो साल की जगह सिर्फ एक साल में ही शिक्षक बनने की योग्यता मिल जाएगी। इससे वे जल्दी शिक्षण नौकरियों के लिए आवेदन कर पाएंगे और अपना करियर शुरू कर सकेंगे। कम फीस होने की वजह से मध्यमवर्गीय परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों पर आर्थिक दबाव कम होगा। इसके अलावा देश के शिक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्कूलों में पढ़ाई के स्तर में सुधार होने की पूरी संभावना है।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स के लिए पात्रता मापदंड
- आवेदक के पास चार वर्षीय स्नातक डिग्री या परास्नातक की डिग्री अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
- सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को स्नातक या परास्नातक में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक की शर्त रखी गई है।
- इस कोर्स में प्रवेश के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स के लिए आवश्यक दस्तावेज
- स्नातक या परास्नातक की सभी सेमेस्टर और वर्षवार मार्कशीट
- आधार कार्ड या कोई अन्य सरकारी पहचान पत्र
- हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
- जाति प्रमाण पत्र (यदि आरक्षण श्रेणी में आते हों)
- स्थायी निवास का प्रमाण पत्र
1 वर्षीय B.Ed कोर्स की खास बातें
इस कोर्स को खास बनाने वाली एक और महत्वपूर्ण बात इसकी किफायती फीस है। सरकारी कॉलेजों में यह कोर्स लगभग 20,000 से 25,000 रुपये की फीस में उपलब्ध होगा, जबकि निजी संस्थानों में यह राशि अधिकतम 30,000 रुपये तक हो सकती है। कई राज्य सरकारें अपने छात्रों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता, सब्सिडी या छात्रवृत्ति भी प्रदान कर सकती हैं। इसके अलावा कुछ संस्थान इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को स्टाइपेंड भी देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिलती है और वे अपने खर्चे भी आसानी से पूरे कर पाते हैं।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले आपको उस कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा जो NCTE से मान्यता प्राप्त है और यह कोर्स संचालित करती है।
- इसके बाद होम पेज पर दिए गए ऑनलाइन आवेदन या एडमिशन के लिंक को खोजकर उस पर क्लिक करना होगा।
- अब फिर आपको आवेदन फॉर्म में अपनी सभी शैक्षणिक जानकारी, व्यक्तिगत विवरण और संपर्क सूचना बिल्कुल सही-सही भरनी होगी।
- इतना सब कम्पलीट करने के बाद, आपको आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी और आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
- अंत में आपको फॉर्म को सबमिट कर लेना है और आवेदन की एक प्रति अपने रिकॉर्ड के लिए डाउनलोड करके सुरक्षित रख लेनी चाहिए।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स का उद्देश्य और मकसद
इस कोर्स को पुनः शुरू करने के पीछे सरकार और NCTE का मुख्य उद्देश्य देश में योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की बढ़ती कमी को पूरा करना है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक युवा कम समय में पेशेवर ट्रेनिंग लेकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दें। नई शिक्षा नीति का मूल फोकस कौशल आधारित और रोजगार उन्मुख शिक्षा प्रदान करना है। यह एक साल का बी.एड कोर्स उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भारतीय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
